रोटी की कीमत, गरीबी का मजाक

अगर आपसे कोई पूछे कि एक आदमी को भर पेट भोजन के लिए कम से कम कितना रुपया चाहिए,  तो हम और आप सोच में पड़ जाएंगे। सोचने लगेंगे कि खाने में क्या-क्या होना चाहिए, जो एक आदमी के लिए पर्याप्त और पौष्टिक हो। बहुत जोड़ने घटाने के बाद भी हम सोच नहीं सकते कि कोई व्यक्ति 12 रुपए खर्च कर भरपेट भोजन कर सकता है। लेकिन जब कोई 12 रुपए, 5 रुपए और 1 रुपए में पेटभर खाने की बात कहे तो आश्चर्य ही होगा। मंहगाई में इतना सस्ता आहार कहां मिलता है। देश का हर गरीब उस जगह का पता जानना चाहेगा।

जब भी इसतरह के मुद्दे मेरे सामने होते हैं, मुझे बहुत बेचैनी होती है।  ऐसे में समझने में देर नहीं लगती कि इसतरह के आधारहीन बयान देने वाले लोग सच्चाई से कितने दूर हैं। दुख की बात है कि इसतरह के बयान देने वाले सदस्य सत्ताधारी यूपीए के सदस्य हैं। जिनके हाथों में देश की बागडोर है।

आर्थिक तौर पर गरीब लोगों से मेरा व्यक्तिगत संपर्क इधर के कुछ महीनों में तेजी से बढ़ा है। मेरी संस्था KDSinghFoundation दुष्कर्म पीड़ितों की मदद करती है, और इसके लिए जब भी पीड़ित परिवारों से रेप सेल के सदस्य मिलते है तो पता चलता है कि पीड़ित परिवार न्याय तो चाहते हैं, लेकिन उनकी आर्थिक हालात इतनी खराब होती है कि वो बेहद खर्चीली  प्रक्रिया से अपने को दूर कर लेते हैं, और हालात से समझौता करने में ही भलाई समझते हैं। ऐसे में जब फाउंडेशन ने उनका खर्च उठाने की प्रक्रिया शुरू की तो पीड़ित परिवारों का हौसला बढ़ा और वो न्याय के लिए लड़ने को तैयार थे।

आप सोच सकते हैं कि एक गरीब आदमी कितना बेबसी में अपना जीवन यापन कर रहा है जो अपनी बहन, बेटी की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ न्याय की लड़ाई इसलिए नहीं लड़ना चाहता कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। समाज का यह बड़ा तबका बड़ी मुश्किल से दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर पाता है, ऐसे में जब कोई 12 रुपए, 5 रुपए और 1 रुपए में भरपेट भोजन की बात करता है तो यह भद्दा मजाक के अलावा कुछ नहीं लगता है।

मैं ऐसे वर्ग की बात कर रहा हूं, जो जी तोड़ मेहनत करता है, सरकार को इन लोगों को प्रशिक्षित करने की कोशिश करनी चाहिए जिससे ये कुशल कामगार के तौर पर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सके। लेकिन जमीनी हकीकत से अगर नेता ही अंजान रहेंगे तो गरीबों के हालात में सुधार कहां से होगा। गरीब और गरीबी मुद्दा होगी और उसकी रोटी के दाम राजनीतिक बाजार में लगती रहेगी। मैं और KDSinghFoundation ऐसी सस्ती राजनीति की घोर निंदा करता है।

जय हिन्द !!

 

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: